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उत्तर प्रदेश

भ्रष्टाचार का खेल कर पंचायत सेक्रेटरी ले रहे नेपाल का मजा, रायबरेली की सूची ग्राम पंचायत में हुए भ्र्ष्टाचार में पंचायत सेक्रेटरी की संलिप्तता उजागर

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सारा समय मीडिया

रायबरेली।सलोन
लगातार भ्र्ष्टाचार की हो रही शिकायत पर विभागीय अधिकारियों की नींद टूटी, उक्त मामले में ग्राम पंचायत अधिकारी के ऊपर कार्यवाही के लिए जांच अधिकारियों ने जांच आख्या डी पी आर ओ को भेजी है।
मामला विकास खण्ड के सूची ग्राम पंचायत का है।
जहां ग्राम पंचायत अधिकारी आलोक रंजन ने भ्र्ष्टाचार का खेल खुलेआम खेला जिसकी कीमत हजारों में नही बल्कि लाखो में है।
ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार की लगातार शिकायत की जा रही थी लेकिन अधिकारियो की उदासीनता के चलते शिकायत कर्ताओं को घुमाया जा रहा था।
ग्राम पंचायत के ही ध्यान सिंह पुत्र छत्रभान ने 16अगस्त को सम्पूर्ण समाधान दिवस में ग्राम पंचायत के विकास के पांच बिंदुओं पर शिकायत की गई थी।
जिसमें एडीओ पंचायत व एडीओ (आई एस बी) को शिकायत की जांच करने के लिए बीडीओ सलोन द्वारा निर्देशित किया गया था।
शिकायतकर्ता को दी गई जांच आख्या में बताया गया है कि
1-पी एम आवास योजना में श्रीमती मंजू देवी पत्नी रमाशंकर व जयशंकर की सेक आईडी अलग अलग है व कई वर्षों से अलग रहते हैं जिससे इनको आवास हेतु अपात्र है जब कि इनको सत्यापन अधिकारी ने पात्र घोषित किया था।
तो वही कमला देवी व रामचन्द्र को2016-17 में आवास आबंटन हुआ था लेकिन जांच में ये अपात्र पाये गये है जिनको वसूली नोटिस भेजा गया है लेकिन अभी तक वसूली नही हो पायी है।
2- स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायत में 523 शौचालयों का लक्ष्य प्राप्त हुआ था लेकिन ग्राम पंचायत अधिकारी ने कमीशन का खेल कर 100 शौचालयों का भुगतान मेसर्स कृष्णा इंटरप्राइजेज व महेंद्र सिंह के नाम चेक द्वारा कर दिया गया।
जब कि शौचालय में आर टी जी एस द्वारा भुगतान करने का प्रावधान है जिसमें घोर अनियमितता पायी गयी।
जांच के दौरान 38 शौचालय पूर्ण35 अपूर्ण व27 शौचालय का काम भी नही शुरू हो सका है।
3- ग्राम पंचायत में लगाई गयी 210 स्ट्रीट लाइटों में भी लागत राशि से अधिक का भुगतान की बात जांच में सामने आई है।
जिसमें ग्राम पंचायत अधिकारी की साफ संलिप्तता उजागर हुई है।
4- तो वही ग्राम पंचायत के राज्यवित व चौदहवें वित्त के कार्यो के अभिलेख भी ग्राम पंचायत अधिकारी के द्वारा खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय को प्राप्त नही हुआ है।
अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फोटो में ग्राम पंचायत अधिकारी आलोक रंजन भ्रष्टाचार का खेल कर नेपाल में मजा करते हुए नजर आ रहे हैं तो वही गांव की जनता शिकायती पत्र लेकर सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रही है।
फिलहाल देखने वाली बात ये है कि इस भृष्ट ग्राम पंचायत अधिकारी पर कार्यवाही कब तक होती है।
अब इससे तो यही साबित होता है कि नेता अधिकारी मस्त आम जनता त्रस्त।

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बछरांवा कसरांवा संपर्क मार्ग बदहाल, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

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रिपोर्ट- विष्णु कान्त श्रीवास्तव बछरावां

बछरावां, रायबरेली। बछरावां विकासखंड के अंतर्गत एक दर्जन गांवों को जोड़ने वाला, कसरावां से बछरावां हाईवे को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है जिसको लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। विदित हो बछरावां विकासखंड के अंतर्गत लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित ओवर ब्रिज के नीचे लगभग 300 मीटर साइड लेन का निर्माण कार्य ओवर ब्रिज बन जाने के 7 साल बाद भी नहीं हो पाया है। हालात इतने बदतर हैं कि 300 मीटर सड़क पर ही बड़े-बड़े गड्ढे हैं सड़क पर पड़े पत्थर प्रतिदिन दुर्घटनाओं को दावत देते हैं मात्र 300 मीटर सड़क को पार करने में ही साइकिल व मोटरसाइकिल चालकों को पसीने छूट जाते हैं संपर्क मार्ग की बदहाली के चलते इस मार्ग से जुड़े कसरावां, जहांगीराबाद, सुरजूपुर, कुंडौली, मिहींखेड़ा, लोधई खेड़ा, सोनहरा, छबीले खेड़ा सहित एक दर्जन से अधिक गांव के ग्रामीणों को आवागमन में भारी समस्या उठानी पड़ती है। ग्रामीण दिलीप चौधरी, मोहम्मद खालिद, कल्लू, रामबहादुर, राकेश, सुरेश, अवधेश, प्रेम कुमार, निर्मल मिश्रा, श्याम सुंदर, उदय भान, श्री कृष्ण, जितेंद्र मिश्रा सहित सैकड़ों की संख्या में लोगों ने जिलाधिकारी संजय खत्री को पत्र लिखकर सड़क का निर्माण कराए जाने की मांग की है और शीघ्र सड़क निर्माण ना होने पर जिला मुख्यालय पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

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बछरांवा कसरांवा सम्पर्क मार्ग बदहाल, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

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रिपोर्ट- विष्णु कान्त श्रीवास्तव बछरावां

बछरावां, रायबरेली। बछरावां विकासखंड के अंतर्गत एक दर्जन गांवों को जोड़ने वाला, कसरावां से बछरावां हाईवे को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है जिसको लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। विदित हो बछरावां विकासखंड के अंतर्गत लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित ओवर ब्रिज के नीचे लगभग 300 मीटर साइड लेन का निर्माण कार्य ओवर ब्रिज बन जाने के 7 साल बाद भी नहीं हो पाया है। हालात इतने बदतर हैं कि 300 मीटर सड़क पर ही बड़े-बड़े गड्ढे हैं सड़क पर पड़े पत्थर प्रतिदिन दुर्घटनाओं को दावत देते हैं मात्र 300 मीटर सड़क को पार करने में ही साइकिल व मोटरसाइकिल चालकों को पसीने छूट जाते हैं संपर्क मार्ग की बदहाली के चलते इस मार्ग से जुड़े कसरावां, जहांगीराबाद, सुरजूपुर, कुंडौली, मिहींखेड़ा, लोधई खेड़ा, सोनहरा, छबीले खेड़ा सहित एक दर्जन से अधिक गांव के ग्रामीणों को आवागमन में भारी समस्या उठानी पड़ती है। ग्रामीण दिलीप चौधरी, मोहम्मद खालिद, कल्लू, रामबहादुर, राकेश, सुरेश, अवधेश, प्रेम कुमार, निर्मल मिश्रा, श्याम सुंदर, उदय भान, श्री कृष्ण, जितेंद्र मिश्रा सहित सैकड़ों की संख्या में लोगों ने जिलाधिकारी संजय खत्री को पत्र लिखकर सड़क का निर्माण कराए जाने की मांग की है और शीघ्र सड़क निर्माण ना होने पर जिला मुख्यालय पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

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संदिग्ध परिस्थितियों में कमरे में मिला बुजुर्ग का शव, पुलिस घटना की जांच में जुटी

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रिपोर्ट- विष्णु कान्त श्रीवास्तव बछरावां

बछरावां, रायबरेली। बछरावां थाना क्षेत्र के अंतर्गत लखनऊ- प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे स्थित खैरानी गांव में 60 वर्षीय बुजुर्ग की उसके घर के कमरे के अंदर सड़ी गली लाश मिलने से गांव में हड़कंप मच गया, सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेजा है।
विदित हो बछरावां थाना क्षेत्र के अंतर्गत लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित खैरानी गांव में हाईवे के किनारे ही रमेश कुमार पुत्र स्वर्गीय रामदास गोड़िया उम्र 60 वर्ष घर बनाकर अकेले रहता था। उसकी पत्नी ब्रजरानी काफी वर्ष पूर्व ही उसे छोड़कर कहीं चली गई थी,रमेश कुमार के घर के बाहर ताला लगा हुआ था। वह कई दिनों से गांव में नहीं दिख रहा था, आज ग्रामीणों को उसके घर से भयंकर दुर्गंध आई तो लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी पुलिस ने जब घर पर पहुंची तो कमरे में बाहर से ताला पड़ा हुआ था और जब बाहर का ताला तोड़ा गया तो कमरा अंदर से भी लाक था काफी मशक्कत के बाद दरवाजे को खोल कर जब पुलिस अंदर पहुंची तो अंदर देखा कि रमेश कुमार की सड़ी गली लाश पड़ी मिली शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेजा गया है। रमेश कुमार के दो भाई सुरेश और महेश भी गांव में ही रहते हैं उन्होंने बताया कि रमेश कुमार अकेले ही रहता था उसका किसी से कोई मतलब नहीं रहता था और थानाध्यक्ष रावेंद्र सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेजा गया है रिपोर्ट आने के बाद मौत की सही वजह सामने आएगी। मामले की गहन जांच पड़ताल की जा रही है।

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