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ऊंचाहार सीएचसी अधीक्षक के लिए नही है कोई नियम,कानून

एक ही जनपद में लगभग 15वर्षों से है डॉक्टर मनोज शुक्ल की तैनाती

कई बार विवादित होने के बाद भी विभागीय मेहरबानी,नही हुई कार्यवाही

डीएम रायबरेली से हुई मामले की शिकायत पर भी विभाग सख्त नही

सारा समय न्यूज नेटवर्क
रायबरेली।गांव में एक कहावत है “एक तो करैला दूसरा नीम चढ़ा”
ये गवाइयां कहावत स्वास्थ्य विभाग के ऊंचाहार सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर मनोज शुक्ल पर सटीक बैठ रही है।
हम ये इसलिए लिख रहे हैं क्योंकि अधीक्षक डॉक्टर मनोज शुक्ल के लिए न ही कोई विभागीय नियम है और न ही कोई शासनादेश ,और तो और इनपर विभागीय मेहरबानी तो इस कदर बरसती है मानों समय समय पर आकाशीय पुष्प वर्षा की जा रही हो तभी तो कई बार विवादों से घिरने के बावजूद इनपर कोई कार्यवाही नहीं हो सकी।
बताते हैं कि इससे पूर्व जगत सीएचसी में तैनाती के दौरान डॉक्टर मनोज शुक्ल पर संगीन आरोप भी लगे और मामला भी दर्ज हुआ,लेकिन न ही इनपर न ही कोई विभागीय कार्यवाही हुई और न ही इनका स्थानांतरण हुआ।

इनसेट

एक ही जनपद में लंबे समय से तैनात हैं डॉक्टर मनोज शुक्ल

सारा समय न्यूज नेटवर्क
ऊंचाहार ।ऊंचाहार सीएचसी में तैनात डॉक्टर मनोज शुक्ल को रायबरेली में सेवा देते लगभग 15 वर्षों का समय होना बताया जा रहा है लेकिन बताया जा है कि शासनादेश में एक अधिकारी जनपद में अधिकतम सात वर्ष और मंडल में दस वर्ष ही तैनात रहा सकता है ,लेकिन ये शासनादेश डॉक्टर मनोज शुक्ल पर प्रभावी नहीं हो सका ,अब इसके पीछे की वजह स्पष्ट हो रही है कि कहीं न कहीं विभागीय मेहरबानी हो सकती है।
मामले से संबंधित शिकायत भी स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी से की है लेकिन अभी तक वही विभागीय मेहरबानी ही कार्यवाही के आड़े आ रही है यानी कि नतीजा शून्य है।

क्या कहते हैं सीएमओ?

सारा समय न्यूज नेटवर्क
रायबरेली।इस बाबत सीएमओ डॉक्टर वीरेंद्र सिंह से वार्ता को गई तो उन्होंने कहा कि ऐसा कोई शासनादेश नही है समय – समय पर शासन से निर्देश आते रहते हैं, उसी हिसाब से कार्यवाही होती है,रही बात डॉक्टर मनोज शुक्ल के स्थानांतरण की बात तो ये शासन स्तर की बात है ,कौन कितने वर्षों से तैनात है इसकी सूचना शासन को भेज दी गई है।
विवादों से घिरे होने के सवाल पर सीएमओ ने डॉक्टर मनोज शुक्ल का बचाव करते हुए कहा कि जो विवाद हुए थे वो इनके व्यक्तिगत मामले रहे होंगे।

विभागीय मेहरबानी तो भला कैसे होगी कार्यवाही?

सारा समय न्यूज नेटवर्क
रायबरेली।अब जब ऊंचाहार सीएचसी अधीक्षक के मामले में सीएमओ रायबरेली को बैक फुट पर आकर उनके बचाव में बयान देना पड़े तो विभागीय मेहरबानी तो जाहिर हो ही जानी है ,ऐसे में बड़ा सवाल खड़ा होता है कि जिसपर विभागीय मेहरबानी छप्पर फाड़ के बरस रही हो तो भला उसपर कार्यवाही कैसे संभव होगी?

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